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“स्टैच्यू ऑफ युनिटी”

देश के नागरिकों के सामूहिक प्रयास से बनी यह दीवार देश की अखंडता का प्रतीक है। धरती की इस माटी में पनपी प्राचीन संस्कृति से प्रत्येक भारतीय का अटूट संबंध रहा है। “स्टैच्यू ऑफ युनिटी” (एकता की प्रतिमा) स्मारक के लिए देशव्यापी अभियान चलाते हुए कोने-कोने से धरा की इस माटी को एकत्रित किया गया है। विभिन्न रंग, आकार, सुगंध और विविधताओं से निर्मित यह प्राचीर, उस विशाल व्यक्तित्व का आधार स्तंभ भी है, जो हमें सदैद संगठित होने के एकमात्र लक्ष्य की याद दिलाता रहेगा।

“हमारी भूमि – हमारी राष्ट्रीय अस्मिता”

इस देशव्यापी अभियान को सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों तक सफलतापूर्वक ले जाने की अनोखी पहल के पीछे, सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय एकता ट्रस्ट के अध्यक्ष और तत्कालीन गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत के मौजूदा माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी की ही संकल्पना थी। देश के किसानों की ओर से दान की गई यह मिट्टी, आधुनिक भारत के हमारे महान नेता और राष्ट्रीय एकता की लौ जलाने वाले भारत के लौहपुरुष को सच्ची श्रद्धांजलि है। किसान परिवार में पैदा हुए इस नेता ने आजादी की लड़ाई में सक्रिय योगदान दिया और कई सत्याग्रहों का सफल नेतृत्व भी किया। विभिन्न सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने इस सपने को साकार करने के लिए, भारत के लगभग 1,69,000 गांवों से मिट्टी एकत्रित की। देश को समर्पित “स्टैच्यू ऑफ युनिटी” (एकता की प्रतिमा) स्मारक के लिए किसानों का यह योगदान प्रतीकात्मक रूप से भी अद्वितीय है ।

By Admin