लाइसेंस रिन्यू न करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ चलेगा अभियान

डॉक्टरों द्वारा मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन को रिन्यू न कराना मरिजों के लिए घातक है। सभी जिलों के सीएमओ को इस संदर्भ में अभियान चलाकर कार्यवाही करनेके निर्देश दिए गए हैं साथ ही उन कारणों का पता भी करने को कहा गया है कि आखिर डॉक्टर लाइसेंस रिन्यू क्यों नहीं करा रहे हैं। यदि स्थिति अनुकूल नहीं पाई जाती है तो उचित कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए हैं। डॉ0 आर. राजेश कुमार, सचिव स्वास्थ्य देहरादून:- उत्तराखंड में लाइसेंस रिन्यू किये बिना मरिजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों के…

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बिना लाइसेंस रिन्यू के ढाई हजार डॉक्टर उत्तराखंड में कर रहे इलाज

उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवा बदहाल, मेडिकल काउंसिल नजर आ रही लाचार। देहरादून:-उत्तराखंड में 2500 से ज्यादा डॉक्टर पंजीकरण लाइसेंस के समय अवधि पूर्ण होने के बावजूद भी अस्पतालों में इलाज कर रहे हैं, इस वजह से मरीजों की जान से खिलवाड़ का खतरा बढ़ गया है। दरअसल, कोई भी डॉक्टर उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण के बाद ही प्रैक्टिस शुरू कर सकता है, इसके बिना मरीजों का इलाज नहीं कर सकता है। इसके बाबजूद भी 2500 डॉक्टर अपने लाइसेंस रिन्यू नहीं करा रहे हैं। उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल ने ऐसे डॉक्टरों…

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आयुष्मान योजना… इलाज कराने के लिए अब अस्पतालों से आवेदन शुल्क और बैंक गारंटी लेने की तैयारी

आयुष्मान योजना में कार्ड धारकों का इलाज कराने के लिए सूचीबद्ध निजी अस्पतालों से आवेदन शुल्क व बैंक गारंटी लेने की तैयारी है। इसमें 10 हजार रुपये आवेदन शुल्क और दो लाख रुपये की बैंक गारंटी देनी होगी। इसके लिए राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। वर्तमान में आयुष्मान योजना में 300 अस्पताल सूचीबद्ध हैं। इनमें कार्ड धारकों को निशुल्क इलाज की सुविधा मिलती है। प्रदेश सरकार अस्पतालों को इलाज पर होने वाले खर्च का भुगतान करती है। प्रदेश में आयुष्मान योजना 2018-19 में शुरू हुई थी।…

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