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नई टिहरी (सुरेंद्र प्रसाद भट्ट)। बुधबार को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऎश्वर्या रावत ने जिला कलेक्ट्रेट सभागार मे जन सुनवाई करते हुए कहा कि कोई भी महिला जो घरेलू हिंसा से पीड़ित है और वो निकट के थाने मे रिपोर्ट लिखवाने जाती है तो पुलिस का कर्तव्य है कि ऐसी महिलाओ की अपील को गंभीरता से लें, जिससे महिला के अंदर सुरक्षा की भावना जाग सके।
वहीं जागरूकता अभियान के अभाव मे जन सुनवाई मे महिलाएं ज्यादा संख्या मे नही पहुँच सकी, जिस पर उपाध्यक्ष ने खेद भी जताया।
उन्होंने कहा कि राज्य मे महिलाओ को सुरक्षा की दृस्टि से उनके अधिकारो, हितो की रक्षा करना ही महिला आयोग का कार्य है, जिसमे किसी भी प्रकार की ढिलाई नही होनी चाहिए।
इस मौके पर महिला आयोग की सदस्य सरोज बहुगुणा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव डॉ आलोकराम त्रिपाठी, राजपाल मियां सहित पुलिस अधिकारी एवं बाल विकास अधिकारी उपस्थित रहे।

उत्तराखंड