नई टिहरी (सुरेन्द्र प्रसाद भट्ट)। कोटेश्वर झील पर्यटन विकास समिति ने डोरिल इंस्टीट्यूट देहरादून के सहयोग से न्यू टिहरी प्रेस क्लब में होली मिलन कार्यक्रम आयोजित किया। संस्था के लोगों और पत्रकारों ने आपस में एक दूसरे पर अबीर गुलाल डालकर होली मनाई। होली का त्योहार वसंत ऋतु के आगमन और प्रकृति के नए जीवन रंगों में फूलों के खिलने का प्रतीक होता है। कहा कि प्रकृति की तरह ही सभी के जीवन में भी नए रंग खिलने चाहिए।
न्यू टिहरी प्रेस क्लब में आयोजित होने मिलन समारोह के मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, कोटेश्वर झील पर्यटन विकास समिति के अध्यक्ष सुंदर रुडोला, डोरिल इंस्टीट्यूट के निदेशक दिव्य प्रकाश पांडे ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने पत्रकारों और अन्य लोगों को तिलक लगाकर गुलाब, अबीर बरसाए। जिलाध्यक्ष उदय रावत ने कहा कि होली न केवल प्रकृति का उत्सव है, बल्कि आपसी प्रेम और भाईचारा को भी बढ़ावा देती है। उन्होंने होली की सभी को शुभकामनाएं दी। समिति के अध्यक्ष सुंदर रुडोला ने कहा कि यह सामाजिक क्षेत्र में लगातार काम कर रहे हैं। कोटेश्वर झील को पर्यटन गतिविधियों का नया केंद्र बनाने से लेकर युवाओं को खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ाने,मेधावी छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रोत्साहित भी कर रही है। प्रेम क्लब के अध्यक्ष अनुराग उनियाल, पूर्व अध्यक्ष गोविंद बिष्ट, भाजपा मंडल अध्यक्ष विजय कठैत, पूर्व प्रमुख खेम सिंह चौहान, पूर्व जिला मीडिया प्रभारी डॉ.प्रमोद उनियाल, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष महावीर उनियाल ने भी होली को लेकर अपने अनुभव साझा किए। कहा कि पुरानी टिहरी में जिस उत्सव के साथ होली मनाई जाती थी, वह अब देखने को नहीं मिलती है। गांव में भी पलायन के कारण खास रूप में होली नहीं मनाई जा रही है। इस अवसर पर प्रेस क्लब के महामंत्री विजय गुसाईं, उपाध्यक्ष अब्बल चंद रमोला, कोषाध्यक्ष धनपाल गुनसोला, संप्रेक्षक रोशन थपलियाल, श्रमजीवी पत्र यूनियन के जिलाध्यक्ष बलवीर नेगी,महासचिव प्रदीप डबराल,पूर्व अध्यक्ष गंगादत्त थपलियाल,जयप्रकाश पांडेय,विक्रम बिष्ट,शशिभूषण भट्ट,मुकेश रतूड़ी,गोविंद पुंडीर,जोत सिंह बगियाल,ओम रमोला,सूर्य रमोला,रजत प्रताप,जयप्रकाश कुकरेती,विजय दास,मुनेंद्र नेगी,लाखी रावत,पंकज भट्ट,सुरेंद्र भट्ट,ज्योति डोभाल,विजयपाल राणा,अंकित मित्तल,संदीप बेलवाल,सुंदर रुडोला,प्रदीप शाह,यशपाल सजवाण,बलवंत रावत,कृष्ण स्वरूप डबराल,मधुसूदन बहुगुणा,जगत सागर बिष्ट आदि उपस्थित थे।
