देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हिमालय केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक चेतना का महत्वपूर्ण आधार है। हिमालयी लोक परंपराओं और विरासत का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हिमालय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ इसके पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने हिंदी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में हिमालयी संस्कृति, परंपराओं और लोक जीवन को समर्पित पत्रिका ‘हिमालयन संस्कृति’ के प्रवेशांक…
Read MoreDay: 15 September 2026
आठ दशक पुरानी किशाऊ परियोजना को मिली निर्णायक गति,छह राज्यों के बीच समझौता…
नई दिल्ली। करीब आठ दशक से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को अब निर्णायक गति मिल गई है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में कर्तव्य भवन, नई दिल्ली में हुई महत्वपूर्ण बैठक में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के बीच परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसे जल सुरक्षा, सिंचाई, पेयजल, ऊर्जा उत्पादन और यमुना के पुनर्जीवीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह दिन केवल…
Read Moreचारधाम यात्रा में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर सीएम धामी सख्त…
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चारधाम यात्रा-2026 की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने यात्रा से जुड़े जिलाधिकारियों से यात्रा मार्गों, यातायात, स्वास्थ्य, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यात्रा मार्गों पर मौसम और भूस्खलन की स्थिति की लगातार निगरानी करने, संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रखने और सभी संबंधित विभागों…
Read Moreएआई लोकतंत्र को मजबूत करने का माध्यम बने, मानव विवेक का विकल्प नहीं : राज्यपाल
हरिद्वार, 15 सितंबर। देव संस्कृति विश्वविद्यालय में मंगलवार को ‘एआई फॉर डेमोक्रेसी’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय समिट आयोजित किया गया। समिट के समापन सत्र में मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) अब केवल भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि वर्तमान को बदलने वाली शक्ति बन चुकी है। इसका उपयोग जनहित, सुशासन और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एआई का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना जरूरी है। राज्यपाल ने कहा कि एआई शिक्षा,…
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